नियमों को कड़ा करें सारांश – सारांश ऑडिटर की स्वतंत्रता पर नए नियम भारतीय ऑडिट फर्मों के बीच चिंताएं बढ़ा रहे हैं। ये परिवर्तन ऑडिट के मूल्य निर्धारण के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं और कंपनियों के लिए विकल्पों को सीमित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ऑडिट कार्यकाल के बाद गैर-ऑडिट सेवाओं पर प्रस्तावित तीन साल का प्रतिबंध अद्वितीय और संभावित रूप से प्रतिस्पर्धा-विरोधी है। इससे बड़े ग्राहकों का ऑडिट करने वाली कंपनियों की संख्या कम हो सकती है और व्यवसायों के लिए ऑडिट लागत अधिक हो सकती है।