सीपीआई (एमएल) एल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बिहार चुनाव परिणामों को “असामान्य” बताया और इसके लिए तीन “प्रयोगों” को जिम्मेदार ठहराया। इनमें महिलाओं को 10,000 रुपये का हस्तांतरण, मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण और “कॉर्पोरेट घरानों” को भूमि का हस्तांतरण शामिल था।
भट्टाचार्य ने कहा कि इन कार्रवाइयों ने एक असमान राजनीतिक खेल का मैदान तैयार किया है।


