सारांश पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने भारत की रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी नीति की आलोचना की। वह रूस के साथ व्यापार करते हुए भारत को उपदेश देने के लिए अमेरिका को पाखंडी बताते हैं।
रुबिन का कहना है कि भारत अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देता है। उनका सुझाव है कि अमेरिका सस्ता ईंधन मुहैया कराए या चुप रहे.


