सारांश दिलीप घोष, एक पूर्व आरएसएस आयोजक, ने पूरे पश्चिम बंगाल में भाजपा के जमीनी स्तर के नेटवर्क के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, इसे एक सीमांत संगठन से एक दुर्जेय राजनीतिक ताकत में बदल दिया। कैडर-निर्माण और बूथ-स्तरीय विस्तार में उनके दशक लंबे प्रयासों ने राज्य में पार्टी के महत्वपूर्ण चुनावी लाभ की नींव रखी।