सोमवार को जोधपुर में आयोजित एक अंतःविषय संवाद ने उभरती स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के आलोक में कानून और चिकित्सा के क्षेत्रों के बीच मजबूत समन्वय की बढ़ती आवश्यकता पर प्रकाश डाला। हितधारक परामर्श में दोनों क्षेत्रों में संस्थागत भागीदारी पर भी जोर दिया गया।
कानूनी विनियमन और चिकित्सा अनुसंधान पर संवाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)-जोधपुर द्वारा राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू)-जोधपुर के सहयोग से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशेषज्ञों ने एक सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनी रूप से सुदृढ़ स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली विकसित करने का आह्वान किया।


